किसी भी कीमत पर राहत नहीं
बिलासपुर के सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संघ ने आरोप लगाया है कि जमानत के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं मिलने के कारण एक आरोपी को जेल भेज दिया गया। ऐसे मामलों में आम आदमी का भरोसा तोड़ने का काम किया जा रहा है।
कलेक्टर ने शुरू की जांच
स्थानीय कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस गंभीर मामले पर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह स्थिति न्यायपालिका की शुचिता को चुनौती देती है।
वकीलों का गुस्सा, आगे की योजना
बिलासपुर जिला अधिवक्ता संघ ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताया है। यदि मामले की पारदर्शी जांच नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। वकीलों का मानना है कि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए।
क्या सिस्टम में गड़बड़ी है?
इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की स्टेनो जूही सोम पर भी आरोप लगे हैं कि वह पैसे मांग रही थीं। हम देखेंगे कि क्या इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। यह मुद्दा व्यापक रूप से छाया हुआ है और इसकी गहराई में जाने की जरूरत है।










