राहत की साँस
दुर्ग आरपीएफ पोस्ट के जवानों के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। Raipurbuzz की ख़बर के बाद, 38 दिनों तक लगातार 12-12 घंटे की शिफ्ट झेल रहे जवानों को अब 8 घंटे की सामान्य ड्यूटी शिफ्ट मिलने लगी है। यह ख़बर छत्तीसगढ़ के रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बेहद खुशी की बात है। इस अमानवीय ड्यूटी प्रणाली पर Raipurbuzz ने अपनी पैनी नज़र बनाए रखी, जिससे प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए। अब दुर्ग आरपीएफ में कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मनोबल के लिए अधिक न्यायसंगत और सामान्य कार्यप्रणाली की उम्मीद जगी है।
उठते सवाल: इंस्पेक्शन और छुट्टी के नियम
Raipurbuzz की ख़बर का असर इतना ज़्यादा था कि रायपुर आरपीएफ कमांडेंट ने दुर्ग पोस्ट के इंचार्ज और एक अन्य स्टाफ को रायपुर कार्यालय बुलाया। सूत्रों के अनुसार, जिस स्टाफ को बुलाया गया, उसके 15 दिनों के CL (कैजुअल लीव) लैप्स हो चुके थे। वहीं एक अन्य स्टाफ के भी 13 दिनों के CL लैप्स हुए थे। यह सवाल उठता है कि केवल कुछ स्टाफ के साथ ऐसा क्यों हुआ? कमांडेंट और एएससी द्वारा की गई बंद कमरे में पूछताछ का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।
‘मेरी सहेली’ अभियान और ड्यूटी रोस्टर पर रहस्य
दुर्ग रेलवे स्टेशन पर रेल मंत्रालय के लोकप्रिय ‘मेरी सहेली’ अभियान को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। यह अभियान अकेले सफर करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, लेकिन द्वार, पुरुष स्टाफ इस ड्यूटी का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, दुर्ग आरपीएफ में ड्यूटी रोस्टर भी जारी नहीं किया जा रहा है। ड्यूटी की जानकारी TA स्टाफ द्वारा फोन पर दी जा रही है। इन अनियमितताओं को लेकर एक गोपनीय रिपोर्ट आईजी तक भेजे जाने की खबर है।












