Raipur: ब्रश करते हुए फटी गर्दन की धमनी, मेकाहारा के डॉक्टरों ने गाय के दिल की झिल्ली से बचाई जान

By Raipur Buzz

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सुबह का अलार्म, जान पर संकट!

सुबह के नाश्ते के समय रायपुर के भनपुरी में, 40 वर्षीय राहुल जांगड़े ने अपनी रूटीन को पूरी तरह सामान्य समझा। जैसे ही वह चाय के लिए पत्नी के पूछने पर वॉशरूम गए, अचानक उनकी गर्दन में तेज दर्द उठा। गले की कसावट के साथ आवाज भी कमजोर हो गई। उनके गिरने के बाद उनकी पत्नी ने देखा कि उनकी गर्दन किसी गुब्बारे की तरह फूल रही थी। यह देखकर वह बौखला गईं और तुरंत उन्हें Raipur: मेकाहारा अस्पताल ले गईं। यहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उनकी गर्दन की कैरोटिड ऑर्टरी फटी हुई है। यह घटनाक्रम इस अस्पताल में एक ऐतिहासिक चिकित्सा मामला बन गया।

गाय की झिल्ली से मिला नया जीवन, Raipur: मेकाहारा का चमत्कार

राहुल को तुरंत हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों ने फटी हुई धमनी की जटिल सर्जरी का निर्णय लिया। 5 घंटे लंबी इस सर्जरी में गाय के दिल की झिल्ली का उपयोग किया गया। डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि यह घटना ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में से एक है, जिसमें एक मिनट की देरी भी जानलेवा हो सकती है। इस प्रकार के मामलों की विश्व में गिनती अगले कुछ दशकों में केवल 10-12 ही की गई है।

राहुल बोले – ‘डॉक्टरों ने मुझे दूसरा जीवन दिया!’

ऑपरेशन के बाद राहुल अब खतरे से बाहर हैं। **Raipurbuzz** की टीम ने उनसे मुलाकात की, जहाँ राहुल ने साझा किया कि सर्जरी के दौरान उनके लिए सब कुछ कैसा था। उन्होंने कहा, “जब दर्द हुआ तो लगा कि जिंदा रहना मुश्किल है। डॉक्टरों का हौसला मिला और उन्होंने मुझे विश्वास दिलाया कि सब ठीक हो जाएगा।” इस घटना ने न केवल उनके लिए, बल्कि निजी चिकित्सकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ किया है। चिकित्सा महाविद्यालय के डीन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। यह कहानी अब अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।

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