Drugs के खिलाफ Raipur में बड़ी कार्रवाई
Chhattisgarh की राजधानी में Drugs के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कठोर कार्रवाई के बाद अब न्यायालय ने भी सख्त रुख अपनाया है। Raipur के सरोना इलाके में हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी के एक मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी तरुण बजाज को पांच साल की कठोर कारावास की सज़ा दी है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने यह फैसला सुनाया है, जो नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ अभियान तेज हो गए हैं और सरकार इस समस्या को हल करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है।
तरुण बजाज की गिरफ्तारी की कहानी
विशेष लोक अभियोजक भुवन लाल साहू ने जानकारी दी कि कुछ समय पहले थाना डीडीनगर के सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र मिश्रा को गुप्त सूचना मिली थी कि सरोना क्षेत्र के श्मशान घाट रोड पर एक युवक स्कूटी के साथ खड़ा है, जो हेरोइन बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर युवक को पकड़ लिया। उसकी पहचान तरुण बजाज के रूप में हुई। 8 ग्राम हेरोइन, एक सैमसंग मोबाइल फोन और स्कूटी जब्त की गई। NDPS एक्ट की धारा 52-क के तहत कार्रवाई करते हुए बरामद मादक पदार्थ को FSL Raipur भेजा, जहां उसकी पहचान हेरोइन के रूप में हुई। तरुण के बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच की गई, जिसमें अवैध पैसों के लेन-देन के स्पष्ट सबूत मिले।
फरार गैंग के सदस्य और पुलिस की जुगत
इस Drug Racket के खुलासे के बाद तरुण बजाज के साथ शामिल पांच अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। जांच अधिकारी महेंद्र मिश्रा ने बताया कि ये फरार आरोपी तरुण बजाज के साथ लगातार संपर्क में थे और सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बने रहे। फरार अभियुक्तों में लवप्रीत सिंह उर्फ करणहे, साजन उर्फ तरसेम सिंह, मोहम्मद सोहेल खान, सेवा सिंह और गोपी सरदार का नाम शामिल है। इन सभी पर हेरोइन के लेन-देन और अवैध धन अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस इन सबकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही इनका भी पीछा किया जाएगा। आवश्यक कार्रवाई के तहत तरुण बजाज को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत 5 साल की जेल और जुर्माने की सजा दी गई है, जो नशे के खिलाफ एक मजबूत सिग्नल है।
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