डॉक्टर को बनाया निशाना: रची गई Cyber Fraud की साजिश
रायपुर, छत्तीसगढ़: साइबर अपराधियों ने एक बार फिर से अपनी नई चाल चलकर एक होम्योपैथिक डॉक्टर को Cyber Fraud का निशाना बनाया। एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आकर, किसी CRPF अधिकारी की पहचान बताकर कैंप के जवानों के इलाज के लिए डॉक्टर से लगभग 4 लाख रुपये ठग लिए गए। यह मामला पिछले सवा महीने पहले हुआ, और अब पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। यह घटना हमें बताती है कि साइबर अपराधी कितनी चतुराई से अपनी योजनाएं बनाते हैं। Raipurbuzz के अनुसार, यह धोखाधड़ी 29 नवंबर को हुई थी।
वैलिडेटेड अकाउंट पर ही ट्रांसफर कराना जरूरी
जब डॉक्टर शिवकुमार सिंह को फोन आया, तो खुद को CRPF के अधिकारी बताते हुए, उन्होंने दूसरा मोबाइल नंबर मांगा। बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं कैंप के 35 जवानों और मरीजों का इलाज करने आया हूं। ठग ने पहला कदम उठाया, जब उसने डॉक्टर से फीस और इलाज के खर्च का आंकड़ा लिया। फिर उसने बताया कि राज्य कार्य पूरा करने के लिए पैसे “वैलिडेटेड अकाउंट” पर ही ट्रांसफर कराना जरूरी है। ऐसे में डॉक्टर ने अपने बैंक खातों की जानकारी साझा की। उसके बाद से ठग ने उनके एक सहयोगी का भी नंबर लेकर उससे भी वीडियो कॉल करके निजी जानकारी हासिल की।
तत्काल कार्रवाई, लेकिन ठगी की रकम गायब
जब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने पांच घंटे के भीतर अपने बैंक खातों को ब्लॉक करवा दिया और घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी। हालांकि, Raipurbuzz के मुताबिक, धोखाधड़ी की रकम पहले ही निकाल ली गई थी। सीज किए गए खातों में केवल तीन हजार रुपये ही बच पाए। यह सुनकर सभी को हैरानी होने लगी। इससे हमें एक सीख मिलती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या ओटीपी नहीं देना चाहिए, चाहे वे कितने भी विश्वसनीय क्यों न लगे।
Cyber Fraud से बचने के उपाय
इस घटना से हमें यह भी समझना चाहिए कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बेहतर तरीका है। ऐसे मामलों में हमेशा अपनी जानकारी को गोपनीय रखकर ही रहना चाहिए। यह सिर्फ डॉक्टर के लिए नहीं, बल्कि हर किसी के लिए एक सीख है। डॉ. शिवकुमार सिंह जैसे लोग अपने काम में ईमानदार रहते हैं और यह आवश्यक है कि उन्हें ऐसे धोखाधड़ी से बचना चाहिए। यह घटना छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट न्यूज़ है, जो सभी को सावधान Cyber Fraud से रहने के लिए प्रेरित करती है।










