रायपुर सेंट्रल जेल में बघेल की मुलाकात
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने हाल ही में रायपुर सेंट्रल जेल का दौरा किया, जहां उन्होंने पूर्व आबकारी मंत्री Kawasi Lakhma से मुलाकात की। इस मुलाकात ने छत्तीसगढ़ की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ ला दिया। बघेल ने पत्रकारों से बात करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह एजेंसियां राजनीतिक दबाव के तहत कार्य कर रही हैं। उनकी इस टिप्पणी से राज्य में राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई है।
Kawasi Lakhma की संभावित ‘साजिश’
Bhupesh Baghel ने कहा कि कवासी लखमा को लंबे समय तक जेल में रखने की एक ‘साजिश’ चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट में समय पर जवाब नहीं दिया, जिससे लखमा को जेल में रहने के लिए मजबूर किया गया। बघेल ने इस मामले में भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले जांच एजेंसियों द्वारा कोर्ट में सही तरीके से जवाब पेश करने पर ध्यान देना चाहिए। Raipurbuzz की रिपोर्ट के अनुसार, बघेल के यह आरोप राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ लाते हैं और कई सवाल खड़े करते हैं।
Kawasi Lakhma का राजनीतिक सफर
Kawasi Lakhma छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के एक प्रमुख आदिवासी नेता हैं। वह सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुके हैं और 2018 में कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री का पद संभाल चुके हैं। हाल ही में वह 2023 के विधानसभा चुनाव में भी अपनी सीट पर बने रहे। उनकी गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी है, जिसमें 3,200 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इसके पीछे प्रावर्तन निदेशालय (ED) की जांच चल रही है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिसमें राजनेताओं और विस्फोटक विभाग के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। ED ने बताया कि यह घोटाला पूर्व भूपेश सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों के एक सिंडिकेट द्वारा अंजाम दिया गया था। यह घटनाक्रम कवासी लखमा की न्यायिक प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है। Raipurbuzz आपको छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी सभी नवीनतम जानकारियाँ प्रदान करता रहेगा.
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