रायपुर शिव महापुराण में Pandit Yuvraj Pandey पर हमलों का खतरा, सरकार से मांगी गई सुरक्षा

By Raipur Buzz

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Pandit Yuvraj Pandey

अस्था का सैलाब: खिलौरा की शिव महापुराण कथा

रायपुर (सेज बहार): छत्तीसगढ़ की माटी के सुप्रसिद्ध कथावाचक Pandit Yuvraj Pandey इन दिनों राजधानी रायपुर के ग्राम खिलौरा (सेज बहार) में शिव महापुराण की रसधार बहा रहे हैं। यहाँ पर पहली बार किसी छत्तीसगढ़िया कथावाचक के लिए इतना विशाल डोम पंडाल स्थापित किया गया है। हजारों की तादाद में श्रद्धालु भक्ति में लीन हैं। लेकिन इस शानदार आयोजन के बीच एक गंभीर मुद्दा सामने आया है—आठ जानलेवा हमलों का सामना कर चुके महाराज जी को आखिर सरकारी सुरक्षा क्यों नहीं मिल रही?

Pandit Yuvraj Pandey पर हमले: प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं और आयोजकों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि पंडित युवराज पांडे (Pandit Yuvraj Pandey) पर अब तक 7 से 8 बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 19 तारीख को निकली भव्य कलश यात्रा के दौरान भी कोई प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब महाराज जी अन्य प्रदेशों में जाकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं, तो उन्हें सुरक्षा मुहैया कराना शासन की जिम्मेदारी है।

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छत्तीसगढ़िया संस्कृति की पहचान: पचरा गीतों का जादू

Pandit Yuvraj Pandey की लोकप्रियता के बारे में कहा जा सकता है कि उनके पचरा गीत पूरे प्रदेश में सुनाई दे रहे हैं। कथा के दौरान उनके द्वारा गाए जाने वाले गीत, जैसे कि ‘सेवा में बाग लगाए हो मां…’ भक्तों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं। लोग मानते हैं कि बाहरी कथावाचक दान-दक्षिणा ले जाते हैं, जबकि युवराज पांडे जी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और धरोहर को बचाने में जुटे हैं, यही वजह है कि युवा भी बड़ी संख्या में यहाँ पहुँच रहे हैं।

भव्य आयोजन की तैयारी: ऐतिहासिक डोम पंडाल

ग्राम खिलौरा में इस आयोजन की भव्यता का उदाहरण अग्रवाल परिवार द्वारा तैयार की गई व्यवस्था है। यह पहली बार है कि किसी स्थानीय कथावाचक के लिए इतने बड़े स्तर पर डोम पंडाल और डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। सेवादारों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से सैकड़ों लोग दिन-रात सेवा में जुटे हैं, जबकि भक्तों के लिए प्रतिदिन शाम 5 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग: श्रद्धालुओं की अपील

अभनपुर, अमलेश्वर और सिंगारपुर से आए भक्तों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाराज जी के शिष्यों और आयोजकों को मुख्यमंत्री से ठोस मांग करनी चाहिए। एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा, “जब हमारे अपने संत सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो धर्म का प्रचार कैसे होगा? प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

आस्था का मौहाल: क्या होगी सरकार की प्रतिक्रिया?

ग्राम पंचायत खिलौरा और इसके आस-पास उत्सव का माहौल बना हुआ है। लोग इसे ‘शिव गंगा’ की संज्ञा दे रहे हैं। एक ओर जहाँ आस्था का यह सैलाब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, वहीं महाराज की सुरक्षा का सवाल भी बहस का विषय है। अब देखना होगा कि सरकार पंडित युवराज पांडे को सुरक्षा देने में कितना तत्परता दिखाती है।

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