रायपुर में एक बार फिर साइबर ठगों ने भरोसे को निशाना बनाते हुए Online Fraud की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों ने खुद को शहर के एक जाने-पहचाने ज्वेलर्स का परिचित बताकर एक वकील से 55 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना न सिर्फ साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे रोजमर्रा के भरोसे का गलत फायदा उठाया जा रहा है।
Raipurbuzz की जानकारी के मुताबिक, शंकर नगर सेक्टर-02, दुर्गा मैदान के पास रहने वाले विजय कुमार दास पेशे से वकील हैं और अपने परिवार के साथ रायपुर में रहते हैं। 08 जनवरी की शाम करीब 4.15 बजे उनके मोबाइल पर एक WhatsApp मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को “नवकार ज्वेलर्स” से जुड़ा बताया और कहा कि उसका UPI फिलहाल काम नहीं कर रहा है। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया कि दो घंटे के भीतर पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।
परिचित नाम देखकर किया भरोसा
विजय कुमार दास ने पुलिस को बताया कि मैसेज भेजने वाला खुद को परिचित बता रहा था, इसलिए उन्हें किसी तरह का शक नहीं हुआ। ठग ने एक UPI ID भेजी और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का आग्रह किया। भरोसे में आकर विजय कुमार दास ने यूनियन बैंक पंडरी रायपुर स्थित अपने खाते से PhonePe के जरिए 55 हजार रुपये बताए गए UPI पर ट्रांसफर कर दिए।
ठगों की चाल यहीं खत्म नहीं हुई। पैसे भेजने के बाद जब विजय कुमार दास ने ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट WhatsApp पर भेजा, तो मैसेज डिलीवर ही नहीं हुआ। यही वह पल था, जब उन्हें कुछ गड़बड़ होने का आभास हुआ।
असली नंबर पर बात करने से खुला राज
संदेह होने पर विजय कुमार दास ने नवकार ज्वेलर्स के वास्तविक मोबाइल नंबर पर मैसेज किया। कुछ देर बाद ज्वेलर्स की ओर से फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनका WhatsApp अकाउंट हैक हो गया है और उन्होंने किसी से भी पैसों की मांग नहीं की है। यह सुनते ही विजय कुमार दास को समझ आ गया कि वे Online Fraud का शिकार हो चुके हैं।
जांच में सामने आया कि ठगों ने नवकार ज्वेलर्स का WhatsApp अकाउंट हैक कर लिया था और उसी के जरिए उनके जान-पहचान वालों को मैसेज भेजकर पैसे की मांग की जा रही थी। इसी तरीके से वकील से 55 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवा लिया गया।
पुलिस जांच में जुटी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
घटना की जानकारी मिलते ही विजय कुमार दास ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि (Online Fraud) ठगी की रकम किस खाते में गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
Raipurbuzz के अनुसार, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि WhatsApp या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले पैसों से जुड़े मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। चाहे मैसेज किसी परिचित के नाम से ही क्यों न आए, पहले फोन कॉल करके उसकी पुष्टि जरूर करें।
Online Fraud से कैसे बचें
यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी का UPI काम न करने जैसी बात अक्सर Online Fraud ठगों का बहाना होती है। बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। वहीं, यह घटना एक बार फिर बताती है कि डिजिटल सुविधा के साथ-साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है, वरना एक छोटी सी लापरवाही बड़ी ठगी में बदल सकती है।









