राष्ट्रीय Jamboori पर भ्रष्टाचार का साया
Chhattisgarh में आयोजित होने वाला पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर Jamboori अब विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों का केंद्र बन गया है। यह भव्य कार्यक्रम 9 से 13 जनवरी को बालोद में प्रस्तावित है। कांग्रेस पार्टी ने इस Jamboori को स्थगित करने की मांग की है, दावा करते हुए कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं। Raipurbuzz के सूत्रों के अनुसार, मामला अब ईओडब्ल्यू (EOW) तक पहुंच चुका है, और कांग्रेस राज्यपाल से भी शिकायत करने की तैयारी कर रही है। भाजपा सांसद व राज्य स्काउट परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल के बयानों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। शिक्षा मंत्री ने आरोपों को खारिज कर इसे सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश बताया। यह घटना छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आई है।
कांग्रेस के तीखे सवाल और बघेल का हमला
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस ने दावा किया कि Jamboori का टेंडर 3 जनवरी को जेम पोर्टल पर खोला जाना था, लेकिन उससे पहले ही एक निजी कंपनी ने काम शुरू कर दिया। कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने सवाल उठाया कि जब टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो काम करने की अनुमति किसने दी? उन्होंने इसे पारदर्शी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि 5 करोड़ रुपये से अधिक का काम बिना टेंडर प्रक्रिया के ही कराया गया है। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
स्थगन पर असमंजस और सरकार का पलटवार
Chhattisgarh: भारत स्काउट्स एवं गाइड्स परिषद ने 5 जनवरी को एक बैठक में Jamboori को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने इस निर्णय का आधार वित्तीय अनियमितताएँ और प्रशासनिक विवाद बताया। हालांकि, शिक्षा विभाग ने स्थगन की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि जंबूरी अपने निर्धारित समय पर होगा। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस पर पलटवार किया, दावा करते हुए कि 5 करोड़ का काम पारदर्शी तरीके से हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का क्या नया मोड़ आता है।
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