दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मातम
रविवार की सुबह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल अंतर्गत दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मातम पसर गया। प्लेटफार्म नंबर 6 के पास, अपनी ड्यूटी पर तैनात एक रेलवे टेक्नीशियन, अजय कुमार, एक खाली मालगाड़ी की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना सुबह लगभग 9 बजे हुई, जिसने पूरे रेलवे परिवार और दुर्ग शहर को स्तब्ध कर दिया है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए अथाह दुख और रेलवे सुरक्षा पर कई सवाल खड़े करने वाली ख़बर है। इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी अनमोल जानें बचाई जा सकें।
अजय कुमार की प्रेरणादायक कहानी
मृतक अजय कुमार, रेलवे में टेक्नीशियन ग्रेड-1 (ट्रेन लाइटिंग स्टाफ) के पद पर पदस्थ थे। वे रविवार सुबह से अपनी नियमित शिफ्ट में थे, और हमेशा की तरह अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन कर रहे थे। सहकर्मियों के अनुसार, अजय एक अत्यंत कर्मठ और जिम्मेदार कर्मचारी थे, जिनकी सेवाओं को हमेशा सराहा जाता था।
दुर्भाग्यपूर्ण घटना की बारीकियाँ
किलोमीटर संख्या 865/27 (रायपुर एंड) के पास, जहां यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, एक खाली मालगाड़ी गुजर रही थी। अजय की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और उनके सहकर्मी भी गहरे सदमे में हैं। यह दुर्ग रेलवे समाचार उन सभी के लिए एक दुखद चेतावनी है जो रेलवे सुरक्षा में लगे हैं।
तत्काल राहत और जांच का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर दुर्ग ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचित किया। RPF के कर्मचारी बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे और GRP दुर्ग के कर्मियों और स्थानीय स्टाफ की मदद से राहत कार्य शुरू किया। शव को बड़ी सावधानी से ट्रैक से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा गया। रेलवे प्रशासन और जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं कि किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ और क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई चूक थी।










